किरदार
किसी गिरे हुये को बढ़ने का इशारा देना मुश्किल है..
हाथ पकड़ कर किसी को किनारा देना मुश्किल है..
धक्का देकर किसी को भी गिरा सकता था मैं।।
ऐसा करके सबसे आगे आ सकता था मैं।
ऐसा किरदार मुझसे बनाया न गया।
इसी लिए रुपैया शायद मुझसे कमाया न गया।।
*युवराज की कलम से*
Comments
Post a Comment